Girlfriend Ko Kaise Manaye Shayari – प्यार भरी शायरी से अपनी रूठी गर्लफ्रेंड को कैसे मनाएं” प्यार में नोकझोंक और रूठना-मनाना एक आम बात होती है। जब गर्लफ्रेंड नाराज़ हो जाती है, तो उसे मनाना आसान नहीं होता। लेकिन अगर आप शायरी के जादू का इस्तेमाल करें, तो उसकी नाराज़गी प्यार में बदल सकती है।
तेरी नाराज़गी भी कितनी प्यारी लगती है,
जैसे बिना चाँदनी रात अधूरी लगती है।
अब तो मान जा मेरी जान ,
तेरे बिना ये दुनिया भी सूनी लगती है।
रूठकर दूर जाने का ग़म,
मेरे दिल में रह-रहकर उठता है सनम।
तेरे बिना अधूरी है ये ज़िंदगी,
अब लौट आ, कर दे पूरी मेरी बंदगी।
तेरे ग़ुस्से में भी मुझे प्यार नज़र आता है,
तेरी नाराज़गी में भी दिल तेरा इशारा करता है।
अब तो आ जा मेरी जान,
तेरे बिना हर लम्हा अधूरा सा लगता है।
गलतियाँ इंसानों से ही होती हैं,
पर सच्चे प्यार में दूरियाँ नहीं होती हैं।
मान जा मेरी जान, अब ग़ुस्सा छोड़ दे,
तेरे बिना ये धड़कनें अधूरी लगती हैं।
तेरे बिना ये शाम भी अधूरी लगती है,
हर खुशी भी अब अधूरी लगती है।
अब तो लौट आ, मुस्कुरा भी दे,
तेरी हंसी के बिना ज़िंदगी अधूरी लगती है।
अगर ग़लती हुई तो सज़ा दे दे,
मुझे अपने प्यार की सौगंध खिला दे।
पर यूं खामोश होकर दूर न जा,
तेरे बिना मेरी रूह तड़पती जाती है।

तेरी हंसी मेरी जान बस यही तो सुकून है,
तेरे बिना मेरा हर लम्हा वीरान और ग़मगीन है।
अब तो लौट आ मेरी बाहों में,
तेरे बिना ये दिल भी तन्हा और ग़मगीन है।
हर रिश्ते में कभी ना कभी तकरार होती है,
पर सच्चे इश्क़ में कभी दीवार नहीं होती है।
अब छोड़ भी दे ये ग़ुस्से की राह,
तेरे बिना मेरी दुनिया वीरान सी लगती है।
तेरी नाराज़गी का साया भी प्यारा लगता है,
तेरी चुप्पी में भी इश्क़ का इशारा दिखता है।
अब ज्यादा ना तड़पा मेरी जान,
तेरे बिना ये दिल बेचारा लगता है।
रूठकर दूर बैठने से दूरियाँ बढ़ जाएंगी,
तेरे बिना मेरी सांसें भी थम जाएंगी।
अब तो लौट आ, मेरा हाल देख,
तेरे बिना मेरी रातें भी रोती रह जाएंगी।
गलती मेरी थी, तेरा हक बनता है,
मुझे छोड़कर जाना तेरा फ़ैसला बनता है।
पर इश्क़ अब भी उतना ही सच्चा है,
तेरे बिना ये दिल अधूरा ही रहता है।
तेरी हंसी से रोशन थे जो पल,
आज तेरी नाराज़गी से बुझ से गए हैं।
अब तो मान जा मेरी जान,
तेरे बिना मेरे ख्वाब भी अधूरे रह गए हैं।

तू जो रूठी तो मेरा दिल भी उदास है,
तेरे बिना ये दुनिया भी सूनी सी लगती है।
अब लौट आ मेरी जान,
तेरे बिना हर घड़ी अधूरी लगती है।
मान भी जा अब, बहुत तड़पा हूँ,
तेरी खामोशी में भी बस तुझे ही ढूंढा हूँ।
अब तो मुस्कुरा दे मेरी जान,
तेरे बिना ये दिल उदास सा रहता है।
प्यार में रूठना भी कितना हसीन होता है,
पर ज्यादा देर तक दूर रहना सही नहीं होता है।
अब मान भी जा, तेरा आशिक़ तुझसे मजबूर है,
तेरे बिना ये जहाँ भी अधूरा सा लगता है।
तेरी नाराज़गी का मौसम अब सुहाता नहीं,
तेरे बिना कोई भी लम्हा भाता नहीं।
अब लौट आ मेरी जान,
तेरे बिना ये दिल मुस्कुराता नहीं।
रूठ कर जो तू बैठी है मुझसे,
मेरे दिन भी अब रातों जैसे हैं।
अब तो मुस्कुरा दे मेरी जान,
तेरे बिना ये लम्हे भी अधूरे जैसे हैं।
तेरे बिना हर शाम वीरान लगती है,
तेरी यादें भी अब तुफ़ान लगती हैं।
अब लौट आ, मुस्कुरा भी दे,
तेरी हंसी के बिना ये ज़िंदगी सुनसान लगती है।
गलतियाँ इंसान से होती हैं,
पर सच्चे रिश्ते कभी टूटते नहीं।
अब बस एक बार गले लग जा,
तेरे बिना सांसें भी चलती नहीं।
तेरी जुदाई का हर पल भारी लगता है,
तेरे बिना ये जहाँ भी अधूरा सा लगता है।
अब मान जा मेरी जान,
तेरे बिना ये दिल बेकरार सा लगता है।
Girlfriend Kaise Banaye Shayari

रूठा है तू तो दिल भी उदास रहता है,
तेरी हंसी के बिना ये जहान वीरान लगता है।
अब लौट आ मेरी जान,
तेरे बिना मेरा हर ख्वाब सुनसान लगता है।
नाराज़गी में भी तेरा प्यार बसता है,
तेरी खामोशी में भी एहसास रहता है।
अब तो मुस्कुरा दे मेरी जान,
तेरे बिना हर पल उदास रहता है।
तेरी खामोशी अब सहन नहीं होती,
तेरे बिना ये दुनिया अपनी नहीं लगती।
अब तो आ जा मेरे सनम,
तेरे बिना ये धड़कनें धड़कती नहीं लगतीं।
तेरे बिना अधूरा हूँ मैं,
तेरी यादों में मजबूर हूँ मैं।
अब लौट आ मेरी बाहों में,
तेरे बिना हर ख़ुशी से दूर हूँ मैं।
तू जो ग़ुस्से में मुझसे दूर होती है,
मेरी धड़कनों की रफ्तार भी कम होती है।
अब बस मुस्कुरा दे मेरी जान,
तेरे बिना ये ज़िंदगी अधूरी होती है।
तेरी जुदाई अब और सही नहीं जाती,
तेरी यादें अब मुझसे बर्दाश्त नहीं होतीं।
अब लौट आ मेरे हमदम,
तेरे बिना ये रातें कटती नहीं।
Naraj Girlfriend ko kaise Manaye Shayari

तेरे बिना ये समां भी अधूरा लगता है,
तेरे बिना हर ख्वाब अधूरा लगता है।
अब तो लौट आ मेरी जान,
तेरे बिना ये दिल भी अधूरा लगता है।
अगर मैंने कोई गलती की,
तो सज़ा दे दे, पर यूं दूर न जा।
तेरे बिना ये साँसें भी अधूरी हैं,
अब तो लौट आ मेरी जान।
प्यार किया था, प्यार ही करेंगे,
तेरी नाराज़गी के दिन भी सहेंगे।
पर अब और ना तड़पा हमें,
तेरे बिना अधूरे हम रहेंगे।
रूठना भी ठीक है, पर इतना ना रूठ,
तेरी यादों का अब असर सहा नहीं जाता।
अब तो लौट आ मेरी जान,
तेरे बिना अब जिया नहीं जाता।
तेरी नाराज़गी का सबब भी समझते हैं,
तेरी तन्हाई का दर्द भी समझते हैं।
अब बस इतना कर दे,
एक बार मुस्कुरा दे, ये दिल फिर से जी उठे।
तेरी हंसी से जो उजाला था,
तेरे बिना वो अंधेरा हो गया।
अब लौट आ मेरी जान,
तेरे बिना ये दिल वीरान हो गया।
तेरी जुदाई के मौसम से अब डर लगता है,
तेरी यादों में ये दिल तड़पता रहता है।
अब तो लौट आ मेरी जान,
तेरे बिना हर लम्हा अधूरा लगता है।
तेरी नाराज़गी के दिन अब भारी लगते हैं,
तेरे बिना ये लम्हे भी अधूरे लगते हैं।
अब तो लौट आ मेरी जान,
तेरे बिना ये दिल भी उदास रहता है।
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